Nazrana
Thursday, July 28, 2016
कुछ दोस्त मिले जब अर्सों बाद, चर्चा-इ-इश्क़ का दौर चला |
सबने कहा वो फलां मेहबूब, हमने कहा मेरे भाई तुम,
तुम्हारी दोस्ती, तुम्हारी शफीकी का ख़ुलूस ||
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment