Tuesday, February 23, 2021

Anniversary poem

 Are those years, or just days gone by? 

For, you look to me, 

no older, than a beautiful, young bride.

Have we been together just some years or forever?

For, it feels, I have known you, all my life..

Are you just a partner, or my best ever friend?

For, I cannot think of another, in my testing times..

You be, whoever you want to be.. 

I would hold, support, pamper, and love you.. 

With all the heart, soul, wealth and might. 

Happy Anniversary !!

 IIक्या कहते हो, कि मैं अकल्मन्द नहीं? 

मुशाहिदा नहीं किया, तालीम नहीं ली, 

तजुर्बे की कमी है? 

कागज़ दिखाऊं, कितना आलिम हूँ? 

बुलंद है परवाज़ मेरी आसमान में, 

क्या हुआ जो पैरों के निचे ज़मीं नहीं है? II


Wednesday, September 23, 2020

 जलते चिराग सा हो जाऊं, या की मशाल बन जाऊं,

बहुत दे चुके दूसरों की मिसाल,

अब तो लगता है, खुद ही बेमिसाल बन जाऊं।। 

 इंक़लाब की मशाल जाया हो जाती तो कोई बात न थी,

वो इंक़लाब तो न रहा, सियासी मौकापरस्त काबिज़ हो गए। 

जो कमाई थी मैंने, वो उड़ाई तुमने,

फर्माबरदार हो कर आये थे तुम, न जाने कब हाफिज हो गए।। 

Wednesday, January 15, 2020

|| चरागों को आँखों में महफूज़ रखना,
दूर तक रात ही रात होगी ...
जो तस्सवुर था तुम्हारा सुबह का, वही जज्बात रखना,
रात के बाद सपनों की बात होगी ||  

Monday, January 13, 2020

|| तालिब-इ-इल्म का तवज्जह कुछ और होता तो अच्छा था,
तंज़ीमों ने मुल्क फना करने मक्शूस कर दिया..
जिनको होना था आलिम मुख्तलिफ मौज़ू में,
उनको बेमानी शुगल में मशगूल कर दिया ||

Friday, July 29, 2016

तेरे बेरुखी का शबब है की जिंदगी का शाम हो जाना..
ये मुझपे बेखुदी का असर है कि अIब-ए-हयात का जाम हो जाना ||