|| तालिब-इ-इल्म का तवज्जह कुछ और होता तो अच्छा था,
तंज़ीमों ने मुल्क फना करने मक्शूस कर दिया..
जिनको होना था आलिम मुख्तलिफ मौज़ू में,
उनको बेमानी शुगल में मशगूल कर दिया ||
तंज़ीमों ने मुल्क फना करने मक्शूस कर दिया..
जिनको होना था आलिम मुख्तलिफ मौज़ू में,
उनको बेमानी शुगल में मशगूल कर दिया ||
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