|| चरागों को आँखों में महफूज़ रखना,
दूर तक रात ही रात होगी ...
जो तस्सवुर था तुम्हारा सुबह का, वही जज्बात रखना,
रात के बाद सपनों की बात होगी ||
दूर तक रात ही रात होगी ...
जो तस्सवुर था तुम्हारा सुबह का, वही जज्बात रखना,
रात के बाद सपनों की बात होगी ||
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